सकारात्मक सोच (Positive thinking) से जीवन 100% कैसे बदले?

बहुत से लोग अपने निराश जीवन में परिवर्तन चाहते है उनके लिए Positive thinking अर्थात सकारात्मक सोच  के जादुई मंत्र से 100 % सफल उपाय जो जीवन बदल देता है।

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सकारात्मक सोच क्या है? What is Positive thinking?

सबसे पहले हम ये जानेंगे की सकारात्मक सोच क्या है जिससे Positive Thoughts उत्पन्न होते है?

जीवन में Question mark बहुत ज्यादा गड़बड़ करते है। खासकर क्यों? क्या? कैसे? वाली सोच नकारात्मक होती है। इससे आत्मविश्वास काम होता है। “मैं ऐसा हूँ” ये Positive है लेकिन Negative “मैं ऐसा क्यों हूँ? ये सोचना है। मैं बहुत Tension मे हूँ ये सोचना आपकी Stress को और बढ़ाता है।

और मुझे तनाव मे होकर भी मुझे कोई Tension नही है ये सोचना ही सकारात्मक विचार है। जो आपके तनाव को 50% तक कम कर देता है।

Tension free life जीने के लिए अगर अपना जीवन  तनावपूर्ण है तो सकारात्मक विचारों  से ही उसे बदल सकते है। Positive thinking से जीवन बदलने के लिए हमे कोई ख़र्चा करने की आवश्यकता नही है। क्या आपको पता है नकारात्मक विचार रोकने की Idea के बारे मे?  नही है तो आगे पढ़े।

नकारात्मक विचार कैसे रोक सकते है?-How can I stop Negative thoughts?

नकारात्मक विचारों को (Negative thiking) रोकने मे सबसे बड़ी परेशानी ये है की उनको जानबूझकर जितना विरोध करने की कोशिश करो वो उतनी तेजी से बढते है। और हालात और भी बुरे होते है।

इसलिए उनको रोकने के बजाय नये विचारों मे कन्वर्ट कर दो जैसे “मैं हमेशा मंज़िल तक आकर क्यों फेल होता हुँ?” की जगह “मै मंजिल तक आकर हर बार भले फेल हो जाऊँ लेकिन कोशिश नही छोडुंगा।” एक दिन ज़रूर आयेगा जब मे कामयाब होऊंगा क्यों की प्रकृति का नियम है की “कोशिश करने वालों की कभी हार नही होती” तो ये नियम मुझ पर भी लागू है।

  • नकारात्मक विचार के निम्न मूलभूत कारण है जिसे टालने से जीवन का रंग रूप एकदम से पलट जायेगा
  • खुद को दूसरों से जोड़कर देखना,
  • आपने निजी कामों को दूसरों पर आधारित रखना,
  • बीती  बातों को बार-बार दोहराना,
  • खुद को कमजोर या ज्यादा ताक़तवर समझना
  • ओवर कॉन्फिडेंस वाला महसूस करना,
  • किसी भी बीत का गलत अंदाजा लगाकर धीरे धीरे उसे ही सच मानकर चलना,  ख़याली पुलाव पकाना अर्थात झुटे सपने देखना और पुरे नही होने पर निराश होना

इत्यादि कारण आपकी Positive thinking को बाधा बनते है जिनसे बच कर रहना होगा।

यह Positive thinking tequnic अपनाये

आप एक चमत्कार तो जानते ही होंगे? मनुष्य को एक चीज बार-बार दे दिये जाये तो  उसको उसकी आपने आप  आदत बन जाती है। बस इसी Habit फायदा उठाकर आपने आपको आदत डालिए जैसे ही कोई नकारात्मक विचार मन मे आयें उसे तुरंत रिप्लेस कर दो।

कुछ दिन तक तो परेशानी होगी, लेकिन गॅरंटी से कहता हुँ आपको इसकी आदत लग जायेंगी। और फिर जैसे इमली देखते ही मुंह मे पानी आ जाता है वैसे आपने आप होगा आपको पता भी नही चलेगा और आपकी तनाव मे भी हर सोच पॉजिटिव बन जायेंगी। और इस तरह आप Change life with Positive thoughts का अनुभव कर पायेंगे।

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क्या सकारात्मक सोच वास्तव में काम करती है? – Does Positive thinking really work? in Hindi

हाँ ज़रूर जब नकारात्मक विचार दुख अशांति देते दे सकते है, तो सकारात्मक विचार भी आनंद खुशी और समाधान प्रदान करते है।

सालों से हम बिल्ली के रास्ता काटने से अपशकुन मानकर जब काम मे बाधा आने वाले नेगेटिव विचार करते है और सच मे काम रूक जाता है। तो उसी बिल्ली के रास्ता काटने के बाद सकारात्मक सोच रखकर देखिये सौ प्रतिशत काम बन जायेगा। फिर हजार बिल्लीयां भी रास्ता क्यों ना काटे।

वास्तव मे प्रकृति का काम ही मुख्य दो प्रकार की उर्जा पर चलता है। इस छोटी सी पोस्ट मे हम विषय की गहनता मे नही जायेंगे उदाहरण की तौर पर जैसे संगीत मे शक्ति होती है, वैसे विचारों मे भी होती है, पहले राग मेघनाथ गा-कर  बारिश करते थे, राग दीपक गा-कर दीप प्रज्वलित करते थे।

आज दूध निकालते समय भी भैंस को मधुर संगीत सुनाईये 500ml तक का दूध ज्यादा मिलेगा ये मेरा अपना अनुभव है।  खैर छोडीये…

आज भी नजर लगने पर नजर उतारने तक बदन दर्द करता है, और नज़र उतरने पर अपने आप काम हो जाता है। तो ये नजर लगना क्या है? नेगेटिव बुरे विचारों का ही तो परिणाम है। याद करने पर आगे वाले को मिसकॉल की तरह हीचकी आना ये संकल्प शक्ति यानी विचारों का ही कमाल है। विचार कोई भी हो अपना प्रभाव तो छोड़ता ही  है।

उपर आप ने Positive thinking के बारे मे पढ़ा है, अब जानिए प्रत्यक्ष जीवन संकट मे या जीवन बदलने के लिए उसका कैसे लाभ ले?

ब्रेकअप के बाद सकारात्मक विचार

टूटे हुए प्यार के मामले में तो पूछो ही मत, व्यक्ति का बिना रक्त पात के दिल से घायल हो जाता है। और बेहद तनाव में आकर बहुत ज्यादा उल्टा-सीधा सोचने लगता है। सबसे पहले ये बात ध्यान मे रखिये की जिसने आपसे ब्रेकअप लिया वो कभी आपकी थी ही नही, या था ही नही।

क्योंकि जो जिसके लिए बना है अगर वो उसको मिल जाते तो दुनिया साक्षी है उस प्यार को भगवान भी तोड़ नही सकता।

सच्चे प्यार की Dictionari मे ब्रेकअप नाम को कोई स्थान नही। इसलिए अगर आप ने सामने वाले से /वाली से सच्चा प्यार किया है और ब्रेकअप हो जाये तो ये मन को समझा दो आप गलत कर रहे थे।

क्योंकि वो आप के लिए थी ही नही। आपको चाहने वाली और आप को कभी ना भुलाने वाली ही असल मे आप की है तो फिर जो गयी/गया उसके लिए क्या सोचना?

अगर जीवन अंत तक आपको उस हम सफर से मुलाकात ना हो तो टाइम पास के लिए ऐसे दो-चार ब्रेकअप वाले और मिल जायेंगे उसी पर जिंदगी काट लेना। मुझे मुन्नाभाई MBBS फिल्म का वो सिन याद आ रहा है जिसमे ब्रेकअप के बाद टेंशन मे जहर खाये एक बीमार लड़के को हीरो द्वारा आगले दिन दूसरी वाली  संकेत दिया जाता है।

इससे हम Motivation ले सकते है। सच्चे प्यार मे एक-दूजे से कभी मन नही भरता और जहाँ मन भर जाये तो वो True love नही है। इसलिए विवाह संस्कार के बाद अंत तक उसी से निभायें क्या पता वही आपके लिए बना या बनी हो और आप उसको पहचान नही पा रहे हो।

छात्रों के लिए सकारात्मक विचार-Positive thoughts for students

कच्ची उम्र मे सोच की परिपक्वता भी कच्ची ही रहती है, इसलिए जरूरी है की किसी भी विचारों के परिणाम का ज्ञान हो। खासकर छात्र परीक्षा या रिजल्ट के समय तनाव मे आते है और Positive thinking छोड़कर ना जाने क्या-क्या उल्टे-सुल्टे सोचने लगते है।

किसी छात्र को अगर लगता है की वो कमजोर है बहुत पढ़ने पर भी दिमाग मे नही बैठता तो छोड़ दो, जितना याद रहे उसपर आगे बढ़ने की कोशिश करो, क्योंकि शायद आप उस पढ़ाई के लिए नही बने हो, आप मे दूसरी कोई ख़ासियत है उसे ढूंढ निकालो, बिना ख़ासियत वाला व्यक्ति धरती पर आजतक पैदा ही नही हुआ।

फर्क सिर्फ इतना है की आपने अंदर छिपे उस स्पेशालीटी को पहचानना होगा।  जब आप आपकी ख़ासियत को लेकर आगे बढ़ोगे तो दुनिया दंग रह जायेगी, ये पढ़ाई वाले सब पीछे छूट जायेंगे।

क्योंकि जो आप कर सकते हो वो औरों को नही आता, बस यही बात दिमाग मे रखोगे और आगे बढोगे तो नकारात्मक विचार आपको छु भी नही सकते। इसलिए कॉन्फिडेंस के साथ विचार मंथन कीजिए और उसे ढूंढ निकालिए  जो आप कर सकते हो…

विवाहित सांसारिक मनुष्य के लिए पॉजिटिव और टेंशन फ्री लाइफ

इस विषय पर दुनिया मे बहुत ज्ञान है फिर भी 99% विवाहित व्यक्ति संसार मे आपने आप को दुखी पाता है। क्यो? ब्रह्मचारी नही रहना है, विवाह करना है, तो विवाह के दिन ही एक बात दिमाग मे डाल लो की आगे की सफर मे सबकुछ आपके मन मुताबिक नही होगा तो हर परिस्थिति को Adjust करके चलेंगे।

अपनी इच्छाओं को नियंत्रीत करेंगे जिसके लिए क्रोध अहंकार लोभ जैसे विकारों को नियंत्रीत करने का पुरूषार्थ करेंगे। और इसे वास्तव जीवन मे प्रत्यक्ष अपनायेंगे,  तो ही सुखी रह पायेंगे। बाकी सकारात्मकता लाने के तरीके तो मैने उपर बतायें ही है। यही सभी समस्याओं तथा Life मे Positive thinking ही परिवर्तन की कुँजी है।

आशा करता हुँ Hindi Option की यह आप को अच्छी लगी होगी तथा Positive thinking इसकी सही जानकारी आप को मिली होगी। इस पोस्ट के विषय मे कमेंट बॉक्स मे अपनी राय ज़रूर देंगे यही मेरे लिए खुशी होगी… आप ने हमारी पोस्ट दिल लगाकर पढ़ी इसलिए दिल से धन्यवाद!

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Balram Bomanwad

मैं बलराम बोमनवाड आप को प्रणाम करता हूँ। मुझे ख़ुशी है की आप ने आप की खोज से संबंधित सामग्री ढूंढ़ने के लिए मेरी वेबसाइट का चयन किया है। मुझे आशा है की आप बिलकुल निराश नहीं होंगे आप के प्रश्न और समस्या का समाधान करना ही मेरे इस वेबसाइट का उद्देश्य है। और मुझे भरोसा है की आप अपनी खोज के लिए बार-बार मेरे साइट पर आएंगे। अपनी अनमोल राय कमेंट बॉक्स में लिखे। आप का दिल से धन्यवाद !
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